जमशेदपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को झारखंड के दौरे पर जमशेदपुर पहुंचीं। उनका हेलीकॉप्टर सोनारी एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उनकी अगवानी के लिए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार मौजूद थे। उपायुक्त ने राष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बुके भेंट कर अभिनंदन किया।

एयरपोर्ट से राष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करनडीह दिशोम जाहेर खान के लिए रवाना हुआ। राष्ट्रपति के काफिले में करीब 45 गाड़ियां शामिल रहीं। उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार भी मौजूद रहे। निर्धारित रूट के तहत काफिला सर्किट हाउस गोलचक्कर होते हुए बिष्टुपुर, टाटा नगर रेलवे स्टेशन के सामने से गुजरते हुए करनडीह पहुंचा।
करनडीह स्थित दिशोम जाहेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22वें संथाली ‘पारसी माहा’ एवं ऑल चिकि लिपि के आविष्कार की शताब्दी समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आदिवासी समाज के गणमान्य लोग और आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संथाली भाषा, संस्कृति और ऑल चिकि लिपि के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जमशेदपुर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। राष्ट्रपति के आवागमन के दौरान शहर के प्रमुख रूटों को आम जनता के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 से अधिक सुरक्षा कर्मी और 10 आईपीएस अधिकारी लगाए गए हैं। इनमें पांच आईपीएस अधिकारी पूर्वी सिंहभूम जिले के, एक सरायकेला-खरसावां जिले के तथा चार अन्य जिलों से तैनात किए गए हैं।
करनडीह में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति सर्किट हाउस पहुंचेंगी, जहां वे कुछ समय विश्राम करेंगी। इसके बाद उनका काफिला आदित्यपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जाएगा, जहां वे एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहरवासियों से अपील की गई कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रशासन का सहयोग करें। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के इस दौरे को झारखंड और विशेषकर आदिवासी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।