रांची: पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आने के बाद झारखंड में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियातन निगरानी बढ़ाने, त्वरित रिपोर्टिंग और जन जागरूकता को लेकर सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निपाह वायरस अत्यंत घातक है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है। साथ ही यह तेजी से फैल सकता है, इसलिए किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल केंद्र सरकार को देना अनिवार्य किया गया है। राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने तथा संदिग्ध मरीजों की पहचान होते ही रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने सभी जिलों में कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली और व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि आम लोगों को निपाह वायरस के लक्षण, बचाव के उपाय और आवश्यक सावधानियों की पूरी जानकारी मिल सके। हमारा उद्देश्य झारखंड में इस बीमारी के किसी भी संभावित प्रसार को रोकना है।”
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला स्तर पर निगरानी टीमों को सक्रिय किया जा रहा है। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी तरह के बुखार, सिरदर्द, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।