झारखंड की राजनीति में चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने झामुमो (JMM) के साथ भाजपा के गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार के गठबंधन की राजनीति में नहीं है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगामी चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है।

झुमरीतिलैया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में विकास कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके लिए पूरी तरह वर्तमान राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लोग सरकारी राजस्व बढ़ाने के बजाय अपनी तिजोरी भरने में अधिक व्यस्त हैं। जब सरकार की प्राथमिकता निजी लाभ होगी, तो स्वाभाविक रूप से सरकारी खजाना खाली रहेगा और विकास कार्य प्रभावित होंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने के आरोपों को भी निराधार बताया। मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार अपने हिस्से की उपलब्ध राशि तक खर्च करने में असमर्थ है, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
वर्तमान सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इतने समय में भी सरकार कोई ठोस उपलब्धि गिनाने में असफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बाहरी निवेशकों के जरिए राज्य में 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश के दावे पर भी सवाल उठाए। मरांडी ने कहा कि टाटा कंपनी के साथ एमओयू पहले से स्वीकृत था, इसके लिए बाहर जाकर निवेश लाने का दावा करना भ्रामक है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को केवल बड़े-बड़े सपने दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
गौरतलब है कि इस दौरान बाबूलाल मरांडी के काफिले में शामिल एक जिप्सी वाहन झुमरीतिलैया बाईपास में खराब हो गया, जिसके कारण उन्हें कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत कर सरकार पर अपने आरोपों को दोहराया।