जमशेदपुर: शहर के चर्चित उद्यमी एवं एसिया उपाध्यक्ष देवांग गांधी के अपहृत पुत्र और युवा उद्यमी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। करीब 13 दिनों तक लापता रहने के बाद मंगलवार को 14वें दिन सुबह लगभग 4:30 बजे पुलिस टीम ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया। कैरव की सुरक्षित वापसी से परिजनों के साथ-साथ पूरे शहर ने राहत की सांस ली है।

गौरतलब है कि 13 जनवरी को कैरव गांधी के अचानक लापता होने की घटना ने जमशेदपुर में सनसनी फैला दी थी। यह मामला राजनीतिक, व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में लगातार चर्चा का विषय बना रहा। परिजनों ने भी विभिन्न माध्यमों से उनकी सुरक्षित वापसी की अपील की थी।
हालांकि जिस रहस्यमयी तरीके से कैरव गांधी लापता हुए थे, लगभग उसी तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी बरामदगी भी हुई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे कई सवाल अब भी अनुत्तरित बने हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे पहले कैरव गांधी की कार चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा इलाके से बरामद की गई थी, जिसने मामले को और जटिल बना दिया था।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा भी जमशेदपुर पहुंची थीं और उन्होंने इस मामले की जानकारी ली थी। हालांकि उस समय जमशेदपुर पुलिस कप्तान ने इसे रूटीन विजिट बताया था।
फिलहाल पूरे शहर की निगाहें कैरव गांधी, उनके परिवार और पुलिस प्रशासन के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि 13 दिनों तक कैरव गांधी कहां थे और किन परिस्थितियों में उनकी बरामदगी हुई—इन सवालों के जवाब का शहर को अब भी इंतजार है।