जमशेदपुर में कारोबारी परिवार के युवक का अपहरण, 5 करोड़ की फिरौती की मांग से हड़कंप

जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएच एरिया से एक बड़े कारोबारी परिवार के युवक के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमशेदपुर और सरायकेला से जुड़े प्रतिष्ठित व्यवसायी परिवार के 24 वर्षीय कैरव गांधी को अपराधियों ने स्कॉर्पियो वाहन में जबरन बैठाकर अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद परिजनों के पास इंडोनेशिया के एक नंबर से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात विशेष जांच टीमों का गठन किया है, जो बिहार, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ हर संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

 

उपाध्यक्ष उद्यमी देवांगन गांधी के पुत्र हैं कैरव

 

अपहृत युवक कैरव गांधी, एसिया (एशिया) के उपाध्यक्ष और जाने-माने उद्यमी देवांगन गांधी के पुत्र हैं। कैरव के अपहरण की खबर सामने आते ही व्यापारिक जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है।

 

सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जताई गहरी चिंता

 

इस घटना को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। चैंबर के अध्यक्ष गणेश केडिया ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर में व्यापारिक माहौल पहले से ही दबाव में है और इस तरह की घटनाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार एक सरल, सम्मानित और प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार है, और एक पढ़ा-लिखा युवा इस तरह अपराध का शिकार हुआ है, जो बेहद चिंताजनक है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि फिरौती की मांग से पूरे व्यापारिक समुदाय में भय का माहौल बन रहा है, जिसका सीधा असर निवेश और उद्योग पर पड़ेगा।

 

प्रशासन और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग

 

चैंबर अध्यक्ष गणेश केडिया ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस मामले का शीघ्र खुलासा करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी गंभीर हैं। वहीं, सिंहभूम चैंबर के प्रतिनिधियों ने डीजीपी से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि कैरव गांधी को जल्द से जल्द सकुशल वापस लाया जा सके।

 

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

 

कारोबारी परिवार के युवक के अपहरण की इस घटना ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय नंबर से फिरौती की मांग और अंतरराज्यीय स्तर पर हो रही छापेमारी इस ओर इशारा करती है कि मामला संगठित अपराध से जुड़ा हो सकता है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर राज्य की छवि, निवेश और स्थानीय व्यापार पर पड़ेगा।

 

फिलहाल, पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला सिर्फ एक अपहरण नहीं, बल्कि जमशेदपुर की सुरक्षा व्यवस्था, भरोसे और प्रतिष्ठा की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।