धनबाद: धनबाद पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एसएनएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल) से चोरी हुए आदिवासी महिला के नवजात बच्चे को महज 36 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में सरायढेला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भूली के रेगुनी इलाके से बच्चे को बरामद किया और एक महिला समेत अस्पताल कर्मचारी मोहम्मद हासिम सहित कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आदिवासी महिला ने एसएनएमसीएच में बच्चे को जन्म दिया था। इसी दौरान सुनियोजित तरीके से नवजात की चोरी कर ली गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी नवजात को 1.5 लाख रुपये में बेचने की फिराक में थे। बताया जा रहा है कि बच्चे की बिक्री के लिए सौदे की राशि आरोपियों को मिल भी चुकी थी। हालांकि, इससे पहले कि आरोपी बच्चे को कहीं और ले जाते या सौदे को अंतिम रूप देते, पुलिस ने कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बरामद किए गए नवजात को फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की हालत स्थिर है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। सभी आवश्यक मेडिकल जांच पूरी होने के बाद बच्चे को उसकी मां को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में अस्पताल के अंदर से ही साजिश रची गई थी, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी की संलिप्तता सामने आना गंभीर मामला है। सभी हिरासत में लिए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। साथ ही मानव तस्करी और नवजात की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
घटना के खुलासे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जिलेभर में सराहना की जा रही है, जिसने एक मां की गोद उजड़ने से बचा ली।