जमशेदपुर: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जमशेदपुर के सोनारी स्थित दोमुहानी संगम घाट पर हिंदू उत्सव समिति एवं उम्मीद एक अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “दोमुहानी संगम महोत्सव-2026” ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर मां स्वर्णरेखा की भव्य आरती महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही।

कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से हुई। मेहंदी प्रतियोगिता में 125 प्रतिभागियों और चित्रकला प्रतियोगिता में 150 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की रचनात्मकता और रंग-बिरंगे चित्रों से संगम घाट का वातावरण जीवंत हो उठा।
भजन संध्या ने बांधा श्रद्धा का समां
प्रतियोगिताओं के उपरांत भजन गायक सोनू दुलरूवा एवं देवेंद्र पांडेय की टीम ने भावपूर्ण भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों से पूरा संगम क्षेत्र भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु झूम उठे।
मां स्वर्णरेखा की आरती बनी आकर्षण का केंद्र
संध्या समय हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मां स्वर्णरेखा की भव्य आरती का आयोजन किया गया। जयकारों, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से वातावरण अलौकिक हो उठा। 51,000 दीपकों से सजी दीपमाला ने संगम घाट को आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह, संरक्षक शिवशंकर सिंह एवं शंकर रेड्डी, वहीं उम्मीद एक अभियान के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, अमरनाथ सिंह, हेमंत सिंह, अविषेक जी, झरना देवी, शशि दीदी, संतोषी साहू, पूजा एवं दुर्गा देवी की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।
महोत्सव के समापन पर आयोजकों ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोमुहानी संगम महोत्सव आने वाले वर्षों में और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि जमशेदपुर की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।