जमशेदपुर में रविवार को आयोजित साल के पहले जाम स्ट्रीट कार्यक्रम ने शहरवासियों को एक यादगार और खुशनुमा सुबह का अनुभव कराया। जैसे ही सुबह-सुबह सड़कों से वाहनों की आवाजाही थमी, वैसे ही सड़कें लोगों की हंसी, संगीत और उत्साह से गुलजार हो उठीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, युवाओं से लेकर पूरे परिवार तक, हर वर्ग के लोगों ने पूरे जोश और उमंग के साथ इस आयोजन में भाग लिया।

आयोजन की शुरुआत के साथ ही जाम स्ट्रीट का नजारा पूरी तरह बदल गया। आम दिनों में जहां गाड़ियों का शोर सुनाई देता है, वहीं रविवार की सुबह हंसी, तालियों और संगीत की गूंज ने माहौल को जीवंत बना दिया। लोग खुले दिल से सड़कों पर टहलते, दौड़ते और मस्ती करते नजर आए। बच्चों ने साइकिलिंग, स्केटिंग और पेंटिंग का भरपूर आनंद लिया, जबकि युवाओं ने योग, ज़ुम्बा और अन्य फिटनेस गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जाम स्ट्रीट में लाइव म्यूज़िक, डांस परफॉर्मेंस और स्ट्रीट आर्ट आकर्षण का केंद्र बने रहे। कहीं ढोल की थाप पर लोग झूमते दिखे, तो कहीं युवा कलाकार अपनी रचनात्मक कला का प्रदर्शन करते नजर आए। बच्चों के लिए बनाए गए गेम ज़ोन और फन एक्टिविटीज़ ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया, जहां मासूमों की खिलखिलाहट हर किसी का मन मोह रही थी।
यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जुड़ाव का भी संदेश देता नजर आया। लोगों ने पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और खुली हवा में व्यायाम कर फिटनेस के प्रति जागरूकता दिखाई। वहीं, कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान परिवारों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया, दोस्तों ने सेल्फी और वीडियो बनाकर पलों को कैमरे में कैद किया। बुजुर्गों के चेहरे पर भी लंबे समय बाद सड़क पर बेफिक्र होकर टहलने की खुशी साफ झलक रही थी। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे, जिससे लोग निश्चिंत होकर कार्यक्रम का आनंद ले सके।
कुल मिलाकर, साल का पहला जाम स्ट्रीट जमशेदपुर के लिए एक उत्सव साबित हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब शहर की सड़कें लोगों के लिए खुलती हैं, तो खुशियां खुद-ब-खुद वहां पहुंच जाती हैं। शहरवासियों को अब आने वाले दिनों में ऐसे और आयोजनों का बेसब्री से इंतजार है।