झारखंड के आदिवासी समाज के निडर नेता, पड़हा राजा और अबुआ झारखंड पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता स्वर्गीय सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शुक्रवार को राजधानी रांची में आदिवासी समाज और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों की ओर से भव्य मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान कल 17 जनवरी 2026 को पूरे राज्य में ‘झारखंड बंद’ का ऐलान किया गया है।

बताया गया कि 7 जनवरी 2026 को खूंटी जिले में सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा नहीं बल्कि जमीन-जंगल-जल की रक्षा के लिए उठाई जा रही उनकी आवाज को दबाने की सुनियोजित साजिश बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 3.16 एकड़ विवादित भूमि पर पारंपरिक पड़हा जत्रा मेला लगने वाला था जिसका स्थानीय आदिवासियों ने विरोध किया था। नवंबर महीने में भूमि को समतल करने और सीमा चिन्ह हटाने के बाद इस साजिश को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य साजिशकर्ता, शूटर और भूमि माफिया अब भी फरार हैं। हत्याकांड का पूरा खुलासा न होना आदिवासी समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
सोमा मुंडा 56 गांवों के पारंपरिक ‘एदेल संगा पड़हा राजा’ थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी अधिकारों और जमीन-जंगल-जल की रक्षा के लिए समर्पित किया। आदिवासी संगठनों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है लेकिन सरकार इस पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रही है।
अब देखना यह होगा कि इस झारखंड बंद का असर राज्यभर में किस हद तक देखने को मिलता है।