झारखंड में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। शीतलहर के कारण लोगों को अभी राहत नहीं मिल रही है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के असर से राज्य के मौसम में बार-बार बदलाव हो रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर झारखंड में भी देखने को मिल रहा है जिससे दिन के समय भी ठिठुरन बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में गुमला जिला राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जो पिछले दस वर्षों का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 2.8 डिग्री सेल्सियस को सबसे कम तापमान माना जा रहा था लेकिन अब यह रिकॉर्ड भी टूट गया है।
दूसरे स्थान पर रांची से सटे खूंटी जिले का नाम रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रांची में भी इस मौसम का सबसे ठंडा दिन मंगलवार को रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम है। रांची समेत राज्य के पांच जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर को भी ठंड से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग और कोडरमा में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है।
हालांकि 1 जनवरी से ठंड में थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।