सरायकेला: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य और एक कथित दलाल विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस दोहरी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, सरायकेला में भू-अर्जन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक उपायुक्त की मौजूदगी में चल रही थी। इसी दौरान बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसके बाद वे बैठक से बाहर निकले। बाहर निकलते ही वे कथित रूप से रिश्वत की रकम लेने लगे। पहले से जाल बिछाए बैठी ACB की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए ACB की टीम ने गम्हरिया प्रखंड कार्यालय से विनय तिवारी नामक एक कथित दलाल को भी गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि वह अपनी गाड़ी में बैठकर पैसों की गिनती कर रहा था, तभी टीम ने उसे दबोच लिया।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला जमीन से जुड़े एक बड़े सौदे से संबंधित है, जिसमें करीब 40 लाख रुपये की डील तय होने की बात सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, इस डील की पहली किस्त के रूप में करीब 5 लाख रुपये का लेनदेन किया जा रहा था, जिसे ACB ने विफल कर दिया।
हालांकि, पूरे मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। ACB की टीम दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस मामले में जुड़े अन्य लोगों व संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है। आम लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत और जरूरी कार्रवाई बताया है।