बुधवार को रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता के कारण एक नवजात शिशु की जान बच गई। ट्रेन संख्या 18452 तपस्विनी एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचते ही आरपीएफ द्वारा नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान कोच एस-4 के शौचालय के डस्टबिन से शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी, जिससे मौके पर मौजूद जवान सतर्क हो गए।

जांच करने पर डस्टबिन के अंदर से एक जीवित नवजात शिशु बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ के साथ जीआरपी और चाइल्डलाइन की टीम को मौके पर बुलाया गया। सभी एजेंसियों के समन्वय से नवजात को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार शिशु का इलाज जारी है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, इस मामले को लेकर जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिशु को ट्रेन में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।
यह घटना समाज की मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम की जान बच सकी, जिसे रेल प्रशासन और सुरक्षा बलों की सराहनीय पहल माना जा रहा है।