जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी का बिगड़ा संतुलन: बाबुडीह घाट पर मरी मछलियों का अंबार, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा, देखें Video

जमशेदपुर: जमशेदपुर से एक गंभीर पर्यावरणीय संकट की तस्वीर सामने आई है, जहां शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली स्वर्णरेखा नदी में प्रदूषण का खतरनाक असर देखने को मिला है। बाबुडीह घाट पर बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से इलाके में हड़कंप मच गया है।

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मिली जानकारी के अनुसार, नदी के पानी में अचानक प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। सुबह जब स्थानीय लोग बाबुडीह घाट पहुंचे, तो नदी किनारे मरी हुई मछलियों का ढेर लगा हुआ था। कई मछलियां पानी की सतह पर भी मृत अवस्था में तैरती नजर आईं, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ झलक रही थी।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि, चिंताजनक पहलू यह रहा कि कुछ लोग इन मरी हुई मछलियों को इकट्ठा कर अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। कुछ लोग इन्हें घरेलू उपयोग के लिए ले जा रहे थे, जबकि कुछ बाजार में बेचने की तैयारी में भी नजर आए।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण, औद्योगिक कचरे और नालों का गंदा पानी सीधे छोड़े जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लंबे समय से नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर भी नाराजगी जताई जा रही है।

 

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषित पानी में मरी हुई मछलियों का सेवन करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे फूड पॉइजनिंग, त्वचा संबंधी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

 

घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि इस मामले की जल्द जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

 

फिलहाल, बाबुडीह घाट का यह दृश्य न सिर्फ पर्यावरणीय लापरवाही की पोल खोलता है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है।