जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र में सोमवार को बकरी चोरी करने वाले गिरोह और ग्रामीणों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। हितकू गांव के एक जागरूक ग्रामीण की सतर्कता से न सिर्फ बकरी चोरी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि चोरी की 12 बकरियां भी बरामद कर ली गईं।

पुलिस ने इस मामले में मानगो आजादनगर निवासी मोहम्मद इंजमाम को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो अन्य साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, सुंदरनगर के हितकू निवासी लाल बाबू सिंह की कुछ दिन पहले दो बकरियां चोरी हो गई थीं। चोरी के दौरान उन्होंने एक संदिग्ध कार का नंबर नोट कर लिया था और लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। बुधवार सुबह जब वही कार दोबारा इलाके में दिखाई दी, तो उन्होंने तुरंत उसका पीछा शुरू कर दिया।
हितकू से परसुडीह तक कई किलोमीटर तक चले इस पीछा के दौरान लाल बाबू सिंह “चोर-चोर” चिल्लाते रहे। जैसे ही कार परसुडीह मेन रोड पहुंची, स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर वाहन को रोक लिया। कार रुकते ही उसमें सवार दो बदमाश फरार हो गए, लेकिन भीड़ ने एक आरोपी को पकड़ लिया।
कार की तलाशी लेने पर डिक्की और पिछली सीट से 12 बकरियां बरामद हुईं, जिन्हें ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। यह देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और आरोपी की पिटाई कर दी। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले उसे सौंप दिया गया।
लक्जरी कार और ब्रेड से करते थे चोरी
परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो घाटशिला, सुंदरनगर, पोटका समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य लक्जरी कार का इस्तेमाल करते थे ताकि उन पर किसी को शक न हो।
चोरी का तरीका भी बेहद चालाकी भरा था—गिरोह के सदस्य बकरियों को ब्रेड खिलाकर अपने पास बुलाते और फिर झटपट उन्हें कार में डालकर फरार हो जाते थे। चोरी की गई बकरियों को आजादनगर और कपाली के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।