JSSC CGL परीक्षा पर उठे सवाल: ASO बने अभ्यर्थी की लेखनी ने छेड़ी पारदर्शिता पर बहस

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL परीक्षा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार विवाद किसी आरोप या तकनीकी गड़बड़ी से नहीं, बल्कि परीक्षा पास कर सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) बने एक अभ्यर्थी की लेखनी को लेकर खड़ा हुआ है।

Trulli

 

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक पत्र को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसे किसी दूसरी कक्षा के छात्र ने नहीं, बल्कि JSSC CGL परीक्षा पास कर अधिकारी बने उम्मीदवार ने लिखा है। पत्र की भाषा और लेखन शैली को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं और परीक्षा की पारदर्शिता पर संदेह जता रहे हैं।

 

पत्र को पढ़ने के बाद कई लोग यह टिप्पणी कर रहे हैं कि यदि इस स्तर की लेखनी रखने वाले अभ्यर्थी अधिकारी बन रहे हैं, तो चयन प्रक्रिया की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले 30-35 वर्षों में यही करीब 2000 चयनित अधिकारी झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे, ऐसे में चयन प्रक्रिया का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण होना बेहद जरूरी है।

 

हालांकि, इस मामले में अभी तक JSSC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, कुछ लोग इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बता रहे हैं और कह रहे हैं कि किसी एक उदाहरण के आधार पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

 

फिलहाल यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर आम चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना होगा कि आयोग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या इस मामले में किसी तरह की जांच की जाती है या नहीं।