जमशेदपुर: झारखंड में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और कुशल चालकों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के मनपिठा क्षेत्र में राज्य का पहला अत्याधुनिक इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को परिवहन विभाग से मंजूरी मिल चुकी है और इसके निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

करीब 11.88 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को बेहतर ड्राइविंग प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार चालक बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी, जिसमें Tata Motors की अहम भूमिका होगी। संस्थान के निर्माण और संचालन में कंपनी तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराएगी।
स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, इस योजना की कुल लागत 22.03 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 17 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं, Tata Motors अपनी CSR पहल के तहत करीब 1.82 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि राज्य सरकार 3.21 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
परियोजना के तहत संस्थान के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी टाटा मोटर्स को सौंपी जाएगी। कंपनी आधुनिक वाहनों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों और अनुभवी प्रशिक्षकों की व्यवस्था करेगी, जिससे प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक और तकनीकी दोनों तरह का प्रशिक्षण मिल सके।
इस संस्थान की खासियत यह होगी कि यहां केवल ड्राइविंग स्किल ही नहीं सिखाई जाएगी, बल्कि सड़क पर अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षित व्यवहार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ‘दंड’ के बजाय ‘दक्षता’ और ‘डर’ के बजाय ‘दायित्व’ की सोच पर आधारित यह पहल राज्य में सुरक्षित परिवहन संस्कृति को बढ़ावा देगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से न सिर्फ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।