टाटानगर स्टेशन री-डेवलपमेंट की जद में अतिक्रमण, 32 दुकान-मकान ध्वस्त; दर्जनों परिवारों पर रोज़ी-रोटी का संकट

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को बागबेड़ा और कीताडीह मार्ग की ओर रेलवे भूमि पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने अभियान चलाकर हटा दिया। झारखंड हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद किसी प्रकार का स्थगन आदेश नहीं मिलने के बाद रेलवे और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।

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सुबह से ही स्टेशन क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल, आरपीएफ और रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ और पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रशासन द्वारा पूर्व में ही सीमांकन और मार्किंग का कार्य पूरा कर लिया गया था। स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाले मार्ग, बीएसएनएल कार्यालय के आसपास का इलाका, बागबेड़ा मार्ग तथा गोलपहाड़ी गोलचक्कर के पास स्थित शराब दुकान समेत कुल 32 दुकान और मकानों को हटाया गया। इनमें 27 दुकानें और 5 मकान शामिल हैं।

 

कार्रवाई से पहले सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वयं स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया था। गुरुवार देर शाम माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को चेतावनी दी गई थी। हालांकि चार दुकानदारों को सामान हटाने के लिए तीन दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी गई।

 

अभियान के दौरान जमशेदपुर के अंचलाधिकारी मनोज कुमार मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।

 

अतिक्रमण हटाए जाने के बाद स्थानीय दुकानदारों के सामने गंभीर रोज़गार संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से नियमित रूप से किराया देकर दुकानों का संचालन कर रहे थे। दुकानों के हटने से न केवल दुकानदारों बल्कि लगभग 40 से 50 कर्मचारियों के समक्ष भी आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। फिलहाल प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।