jamshedpr: मानगो नगर निगम चुनाव में जनता ने बड़े उत्साह और उम्मीदों के साथ 36 वार्ड सदस्यों को चुनकर अपने क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी सौंपी थी। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवारों ने घर-घर जाकर समर्थन मांगा, लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। लेकिन चुनाव संपन्न होने के कुछ समय बाद अब कई वार्डों में लोग यह सवाल पूछने लगे हैं कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि आखिर कहां हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनाव के दौरान लगातार जनसंपर्क करने वाले कई वार्ड सदस्य अब क्षेत्र में कम दिखाई दे रहे हैं। जिन गलियों और मोहल्लों में चुनावी दौर में रोजाना नेताओं की आवाजाही होती थी, वहां अब उनकी मौजूदगी कम महसूस की जा रही है। इससे लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया कब शुरू होगी।
मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे वार्ड
मानगो के कई वार्ड आज भी टूटी सड़कों, जलजमाव, जाम नालियों, गंदगी, पेयजल संकट और खराब स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद वार्ड स्तर पर समस्याओं का सर्वे कर प्राथमिकता तय की जानी चाहिए थी, लेकिन कई इलाकों में अब तक ऐसा कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आया है।
नागरिकों का मानना है कि यदि वार्ड सदस्य नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें और लोगों से संवाद स्थापित करें तो समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल तेज हो सकती है।
जनता और प्रतिनिधियों के बीच बढ़ रही दूरी
कई वार्डों के लोगों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद न तो जनसुनवाई आयोजित की गई और न ही क्षेत्रवासियों के साथ नियमित बैठकें हुई हैं। लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिनिधि जनता से संपर्क में नहीं रहेंगे तो उन्हें वार्ड की वास्तविक समस्याओं की जानकारी कैसे मिलेगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय निकाय लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। वार्ड सदस्य जनता और नगर निगम प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सक्रियता और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
महिला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण की जरूरत
नगर निगम चुनाव में बड़ी संख्या में महिला आरक्षित सीटों पर प्रतिनिधि चुने गए हैं। कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि नव-निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और निगम की कार्यप्रणाली से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने वार्ड की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
जनता की उम्मीदें अभी बरकरार
मानगो में पहली बार नगर निगम चुनाव होने के कारण लोगों की अपेक्षाएं भी काफी बड़ी हैं। नागरिकों का कहना है कि वे अभी भी अपने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं। हालांकि जनता अब यह चाहती है कि चुनावी वादे केवल भाषणों और पोस्टरों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर भी दिखाई दें।
जनता के पांच सीधे सवाल
- चुनाव जीतने के बाद आपने अपने वार्ड में कितनी बैठकें कीं?
- क्या वार्ड की समस्याओं की सूची तैयार की गई है?
- निगम प्रशासन के समक्ष अब तक कौन-कौन से मुद्दे उठाए गए हैं?
- जनता अपनी शिकायत लेकर किससे संपर्क करे?
- चुनावी वादों पर काम कब शुरू होगा?
मानगो की जनता इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रही है। आने वाले दिनों में वार्ड सदस्यों की सक्रियता ही तय करेगी कि जनता का भरोसा कितना मजबूत होता है और स्थानीय लोकतंत्र की यह नई व्यवस्था लोगों की उम्मीदों पर कितना खरी उतरती है।