जमशेदपुर: रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। चक्रधरपुर रेल मंडल के महालीमुरूप-सीनी सेक्शन में ट्रैक रिन्यूअल कार्य के कारण चार दिनों तक छह मेमू ट्रेनों का परिचालन रद रहेगा। रेलवे प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय से टाटानगर, चाकुलिया, बड़बिल और राउरकेला रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार महालीमुरूप और सीनी स्टेशनों के बीच ट्रैक रिन्यूअल मशीन (टीआरटी) के माध्यम से पुराने स्लीपरों को बदलने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 12 और 14 जून को डाउन लाइन में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक कुल 3 घंटे 45 मिनट का ब्लॉक लिया जाएगा।
ट्रैक सुरक्षा बढ़ाने के लिए हो रहा कार्य
रेल प्रशासन का कहना है कि यह कार्य रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पुराने स्लीपरों को बदलने के बाद इस सेक्शन में लागू स्पीड रिस्ट्रिक्शन हटाने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित, सुचारू और तेज गति से हो सकेगा।
ये ट्रेनें रहेंगी रद
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार निम्नलिखित मेमू ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा—
- 11 और 13 जून को ट्रेन संख्या 68127 चाकुलिया-टाटानगर मेमू रद रहेगी।
- 11 और 13 जून को ट्रेन संख्या 68125 टाटानगर-बड़बिल मेमू रद रहेगी।
- 12 और 14 जून को ट्रेन संख्या 68126 बड़बिल-टाटानगर मेमू रद रहेगी।
- 12 और 14 जून को ट्रेन संख्या 68128 टाटानगर-चाकुलिया मेमू रद रहेगी।
- 12 जून को ट्रेन संख्या 68044 राउरकेला-टाटानगर मेमू रद रहेगी।
- 12 जून को ट्रेन संख्या 68043 टाटानगर-राउरकेला मेमू रद रहेगी।
डेली पैसेंजरों की बढ़ी मुश्किलें
इन ट्रेनों के रद होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर टाटानगर, चाकुलिया, सीनी, बड़बिल और राउरकेला के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें स्टेशन पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में सुरक्षित और बेहतर रेल परिचालन के लिए जरूरी है। कार्य पूरा होने के बाद संबंधित सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।