रांची: झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों के भीतर राज्य में प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के झारखंड में आगे बढ़ने के लिए सभी परिस्थितियां अनुकूल बन चुकी हैं और जल्द ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।

आईएमडी द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दिनों में झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ेंगी। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के अधिकतर इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
गुरुवार को भी मौसम में बदलाव देखने को मिला। राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून बारिश हुई। कई स्थानों पर अचानक मौसम बदल गया और गर्म हवाओं की जगह ठंडी बयार चलने लगी। बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से अस्थायी राहत मिली।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि वर्तमान स्थिति बनी रहती है, तो अगले 72 घंटों के भीतर झारखंड के अधिकांश हिस्से मानसूनी बारिश की चपेट में आ सकते हैं।
मानसून के आगमन का सबसे अधिक इंतजार किसानों को है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मानसून पहुंचने से खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी और कृषि गतिविधियों को नया बल मिलेगा। धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश विशेष रूप से लाभदायक साबित हो सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
फिलहाल पूरे झारखंड की नजरें आसमान पर टिकी हैं। भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाले मानसून का इंतजार अब अंतिम चरण में है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि जल्द ही तपती धरती पर राहत की बारिश होगी।