नई दिल्ली / रांची : झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन घोटाला मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देने का आदेश जारी किया है। आलमगीर आलम पिछले कई महीनों से जेल में बंद थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मई 2024 को टेंडर कमीशन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था।

मामले में गिरफ्तारी के बाद विभिन्न अदालतों में कई बार सुनवाई हुई और जमानत याचिकाएं दायर की गईं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान की। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और यह कमीशनखोरी तथा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। एजेंसी ने यह भी कहा कि अब तक सभी गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि आलमगीर आलम की उम्र 77 वर्ष है और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
इसी मामले में अदालत ने आलमगीर आलम के निजी सहायक राजीव लाल को भी जमानत देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद झारखंड की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।