खाड़ी संकट के बीच जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी का साहस, 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर जहाज सुरक्षित भारत पहुंचा

जमशेदपुर: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच जमशेदपुर के रहने वाले अंश त्रिपाठी ने अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया है। उनकी अहम तकनीकी भूमिका की बदौलत शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का विशाल जहाज “शिवालिक” 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है।

Trulli

 

दुनिया के सबसे संवेदनशील और खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार करते हुए यह जहाज अब गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षित लंगर डाल चुका है। इस जहाज ने इंडियन ऑयल के लिए यूएई, कतर और सऊदी अरब से गैस लेकर भारत तक पहुंचाने का चुनौतीपूर्ण मिशन पूरा किया।

 

बताया जाता है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के कारण यह समुद्री मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया था। इसके बावजूद जहाज के क्रू मेंबरों ने साहस और संयम के साथ अपना कर्तव्य निभाया। इस मिशन में अंश त्रिपाठी बतौर सेकंड इंजीनियर तैनात थे और जहाज के पूरे तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।

 

कैप्टन सुखमीत सिंह के नेतृत्व में 27 सदस्यों की टीम ने इस खतरनाक सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया। नवंबर 2025 में ड्यूटी पर गए अंश ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जहाज की गति, इंजन सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं को बेहतरीन तरीके से संभाला और कहीं भी कोई तकनीकी चूक नहीं होने दी।

 

अंश त्रिपाठी की इस उपलब्धि से जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को उन पर गर्व है। संकट की घड़ी में उन्होंने अपने कर्तव्य और साहस से यह साबित कर दिया कि भारतीय समुद्री इंजीनियर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।