झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, 31 मार्च तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांचीः झारखंड में मार्च महीने के आखिरी दिनों में मौसम लगातार करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र के अनुसार राज्य में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

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मौसम विभाग ने 27 और 28 मार्च के लिए पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों तेज हवा, मेघ गर्जन और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 

रामनवमी पर भी बदलेगा मौसम का रंग

27 मार्च को रामनवमी के दिन भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। आंशिक बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। त्योहार के दौरान प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

 

इन तारीखों पर कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 29 मार्च को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा।

वहीं 28, 30 और 31 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 28 मार्च को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में वर्षा हो सकती है। 30 मार्च को पूर्वी और मध्य झारखंड में बारिश के आसार हैं, जबकि 31 मार्च को भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

 

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

राज्य में तापमान में भी लगातार बदलाव दर्ज किया जा रहा है। सरायकेला में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुमला में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री रहा। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटे में बढ़ा है।

 

उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे देवघर, धनबाद, दुमका और गोड्डा में अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं चतरा, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में तापमान 35 से 37 डिग्री तक जा सकता है। केंद्रीय और पूर्वी हिस्सों में भी तापमान 32 से 37 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

 

लोगों के लिए एडवाइजरी

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। खासकर किसानों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

आने वाले दिनों में मौसम के इस बदलते रुख का असर आम जनजीवन पर पड़ सकता है, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।