रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी। संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र के रास्ते राज्य में प्रवेश करने के बाद मानसून ने कई जिलों में बारिश की शुरुआत कर दी है। शनिवार को राजधानी रांची, रामगढ़ समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। पिछले पांच वर्षों में यह पहली बार है जब मानसून अपने सामान्य समय पर राज्य में पहुंचा है।

अगले चार दिनों में पूरे राज्य में फैल जाएगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। सामान्यतः पूरे राज्य में मानसून के फैलने में 3 से 7 दिन का समय लगता है, लेकिन इस बार अगले तीन से चार दिनों के भीतर पूरे झारखंड को कवर करने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो से तीन दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने तथा तापमान में फिर बढ़ोतरी की संभावना है।
कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य भाग के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग और रामगढ़ में कहीं-कहीं गरज के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 14 से 18 जून तक रांची समेत अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
विभाग ने इस दौरान गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
तापमान में आई गिरावट, लोगों को मिली राहत
मानसून के आगमन के साथ ही राज्य के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अधिकतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है।
सिमडेगा में अधिकतम तापमान 5 डिग्री की गिरावट के साथ 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रांची का तापमान 4.1 डिग्री गिरकर 31.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है। वहीं जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 3.7 डिग्री गिरकर 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर डालटनगंज 39.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।
जून में कम, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिसके कारण जून माह में सामान्य 189.5 मिमी से कम वर्षा होने की आशंका है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के चलते जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
झारखंड में मानसून के दौरान सामान्य रूप से 1022 मिमी वर्षा होती है। वर्ष 2025 में राज्य में 1118 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक थी। वहीं 2024 में 1008.9 मिमी वर्षा हुई थी। वर्ष 2023 में मानसून 19 जून को पहुंचा था और केवल 751.3 मिमी बारिश हुई थी, जबकि 2022 में मानसून 18 जून को आया था और उस वर्ष 817.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
मानसून के समय पर आगमन और शुरुआती अच्छी बारिश ने किसानों तथा आम लोगों में उम्मीदें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।